रामगोपाल यादव के बयान पर मायावती का गरजना 'ये शर्मनाक है!'

सपा सांसद राम गोपाल यादव के बयान पर मायावती की प्रतिक्रिया, BSP चीफ ने बताया शर्मनाक - ABP News

## सियासी गलियारों में गरमाई बहस: रामगोपाल यादव का बयान और उसपर उठे सवाल! नमस्ते दोस्तों! आज की राजनीतिक हलचल इतनी दिलचस्प है कि इसे न शेयर करना मेरे लिए नामुमकिन है। समाजवादी पार्टी के नेता **रामगोपाल यादव जी** के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया है, और इसपर अब बहस छिड़ गई है। आइये, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं। यह सब शुरू हुआ मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान, जब रामगोपाल यादव जी ने **विंग कमांडर व्योमिका सिंह जी** पर एक **विवादित टिप्पणी** की। उन्होंने विंग कमांडर जी की जाति का जिक्र करते हुए ऑपरेशन सिंधूर में सेना के अधिकारियों की जाति पर अपनी राय रखी। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी कहा कि असली लड़ाई **पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (PDA)** समुदाय ने लड़ी है। यह बयान सुनकर कई लोगों के होश उड़ गए! **बसपा प्रमुख मायावती जी** ने इसपर अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए इसे **"शर्मनाक और निंदनीय"** बताया। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना के साहसिक ऑपरेशन सिंधूर से पूरा देश गौरवान्वित है। ऐसे में सेना को धर्म और जाति के आधार पर बाँटना बेहद अनुचित है। उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी के एक मंत्री के बाद अब एक वरिष्ठ सपा नेता ने भी यही गलती की है। इस विवाद पर बीजेपी ने भी जोरदार प्रतिक्रिया दी। **मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी** ने कहा कि यह बयान सेना के शौर्य और देश की अस्मिता का अपमान है। उन्होंने कहा कि सेना की वर्दी को जातिवादी नज़रिए से नहीं देखा जा सकता और हर सैनिक राष्ट्रधर्म निभाता है। उन्होंने इस मानसिकता पर निशाना साधा जो तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में राष्ट्रभक्ति को भी बाँटने का साहस करती है। दूसरी तरफ, **सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद जी** ने रामगोपाल यादव जी का बचाव करते हुए कहा कि बीजेपी उनके बयान को गलत तरीके से पेश कर रही है। उनका कहना है कि रामगोपाल यादव जी ने सेना की एकता और सभी जातियों-धर्मों के योगदान की बात कही थी, किसी का अपमान नहीं किया। यह सारा मामला वाकई में गंभीर है। यह सवाल उठाता है कि क्या राजनीति में जाति और धर्म का इस्तेमाल करना उचित है? क्या हमारी सेना की बहादुरी को जातिगत रंग में रंगना सही है? मुझे लगता है कि इस तरह के बयान से समाज में फूट पड़ती है और देश की एकता को नुकसान पहुँचता है। आशा करता हूँ कि आगे चलकर इस तरह के बयान नहीं दिये जायेंगे और सभी लोग देश की एकता और अखंडता को मज़बूत करने में योगदान देंगे। आपको इस पूरे मामले पर क्या राय है? अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें!

📢 स्रोत: https://www.abplive.com/states/up-uk/bsp-chief-mayawati-reaction-on-samajwadi-party-mp-ram-gopal-yadav-statement-wing-commander-vyomika-singh-2944568

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