मोदी सरकार के 11 साल जनता का रिपोर्ट कार्ड - भ्रष्टाचार, महंगाई और रोजगार पर क्या है राय?

भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार पर क्या कह रहा देश? मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर C वोटर का सर्वे देख लीजिए - Navbharat Times

देश क्या सोचता है: मोदी सरकार के 11 साल, C-वोटर का विस्तृत सर्वेक्षण

जैसे ही मोदी सरकार ने सत्ता में अपने 11 वर्ष पूरे किए हैं, देश में व्याप्त भावना का आकलन करना महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रतिष्ठित C-वोटर द्वारा हाल ही में किए गए एक व्यापक सर्वेक्षण में महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नागरिकों के दृष्टिकोण को उजागर किया गया है, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, रोजगार और भ्रष्टाचार शामिल हैं। आइए सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्षों पर गहराई से विचार करें:

राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला:

सर्वेक्षण में पाया गया कि अधिकांश उत्तरदाता राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ने के मामले में सरकार के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक हैं:

  • 53.9% ने सरकार के प्रदर्शन को "शानदार" बताया।
  • 13.4% ने इसे "ठीक" माना।
  • 12.0% की राय "औसत" थी।
  • 16.5% ने इसे "खराब" बताया।

महंगाई पर नियंत्रण:

महंगाई एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है, और सर्वेक्षण में इस क्षेत्र में मिश्रित भावनाएं सामने आईं:

  • 26% का मानना है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में "बेहद कामयाब" रही है।
  • 23.9% का मानना है कि वह "कुछ हद तक सफल" रही है।
  • 17.6% को कोई बदलाव नजर नहीं आया।
  • 5.2% का मानना है कि वह "कुछ हद तक नाकाम" रही है।
  • 24.8% ने इसे "बिल्कुल बेअसर" बताया।

बेरोजगारी दूर करना:

रोजगार सृजन एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां उत्तरदाताओं की राय में अंतर देखा गया:

  • 26.3% का मानना है कि सरकार बेरोजगारी दूर करने में "बहुत प्रभावी" रही है।
  • 27.9% का मानना है कि वह "कुछ हद तक प्रभावी" रही है।
  • 19.9% को कोई बदलाव नजर नहीं आया।
  • 7% का मानना है कि वह "कुछ हद तक अप्रभावी" रही है।
  • 15% ने इसे "बिल्कुल बेअसर" बताया।

भ्रष्टाचार का उन्मूलन:

भ्रष्टाचार से निपटने के मामले में लोगों की धारणाओं के बारे में सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ:

  • 30.8% का मानना है कि भ्रष्टाचार "घटा" है।
  • 18.3% का मानना है कि यह "कुछ हद तक घटा" है।
  • 26.2% का मानना है कि "थोड़ा भ्रष्टाचार है।"
  • 10.1% का मानना है कि "भ्रष्टाचार ज्यादा नहीं घटा है।"
  • 13.3% ने कहा कि "बिल्कुल नहीं घटा है।"

सबसे प्रभावी सुधार:

जब यह पूछा गया कि सरकार द्वारा लागू किया गया सबसे प्रभावी सुधार कौन सा है, तो उत्तरदाताओं ने विभिन्न पहलों को इंगित किया:

  • 19.9% - डिजिटल इंडिया
  • 11.5% - जीएसटी
  • 10% - मेक इन इंडिया
  • 9.1% - सीएए
  • 18.1% - अनुच्छेद 370
  • 9.1% - जनधन-आधार-मोबाइल (JAM)
  • 16.6% - अन्य

अर्थव्यवस्था का प्रबंधन:

सरकार की आर्थिक नीतियों के प्रबंधन के बारे में लोगों की राय इस प्रकार रही:

  • 42.7% - बेहद प्रभावी
  • 22.6% - आंशिक प्रभावी
  • 13.7% - कोई बदलाव नहीं
  • 4.7% - आंशिक अप्रभावी
  • 11.4% - बेहद अप्रभावी

सामाजिक सद्भाव और समावेश:

सामाजिक सद्भाव और समावेशी भावना के संबंध में उत्तरदाताओं की धारणाएं:

  • 44.2% - काफी हद तक बढ़ी
  • 16.9% - कुछ हद तक बढ़ी
  • 11.1% - कोई बदलाव नहीं
  • 6.8% - कुछ हद तक घटी
  • 16.1% - बिल्कुल नहीं बढ़ी

निष्कर्ष:

C-वोटर के सर्वेक्षण से मोदी सरकार के 11 वर्षों में अलग-अलग मुद्दों पर जनता की धारणाओं का एक बहुआयामी परिप्रेक्ष्य सामने आता है। जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मजबूत समर्थन दिखाई देता है, वहीं बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर मिश्रित राय है, जो सरकार के लिए चिंता का विषय है। ये निष्कर्ष नीति निर्माताओं के लिए बहुमूल्य जानकारी प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें नागरिकों की चिंताओं को दूर करने और विकास और समावेशिता के लिए प्रभावी रणनीतियां बनाने में मदद मिलती है। यह सर्वेक्षण देश में प्रचलित विचारों और अपेक्षाओं को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है, जो भारत के भविष्य को आकार देगा।

स्रोत: https://navbharattimes.indiatimes.com/india/pm-modi-govt-11-year-c-voter-survey-national-security-terror-strike-economic-reforms-inflation-unemployment-war-against-terrorism/articleshow/121728916.cms

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