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चांदी में आएगी तूफानी तेजी, ₹1,30,000 किलो तक जा सकता है भाव; जानिए क्या है वजह
चांदी के बाजार में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकती है। Kedia Fincorp ने एक बड़ा अनुमान लगाते हुए कहा है कि चांदी की कीमतें जून के अंत तक ₹1,30,000 प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं। यह खबर निवेशकों, जौहरियों और ग्राहकों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बाजार में एक नई लहर आ सकती है।
इस अनुमान के पीछे तीन मजबूत कारण हैं:
- चीन का रेयर-अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर प्रतिबंध: चीन के इस कदम से वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी सेक्टर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) में चांदी का बढ़ता इस्तेमाल: ईवी सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ रही है, जिससे इसकी मांग में इजाफा हो रहा है।
- लगातार पांचवें साल वैश्विक आपूर्ति घाटा: चांदी की वैश्विक मांग उसकी आपूर्ति से लगातार पांचवें साल अधिक है, जिससे बाजार में टाइटनेस बनी हुई है।
आइए इन तीनों कारणों को विस्तार से समझते हैं:
चीन की पाबंदी से रेयर-अर्थ संकट
चीन ने हाल ही में रेयर-अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर कड़े नियम लगाए हैं। इससे ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी सेक्टर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। नतीजतन, मैन्युफैक्चरर्स अब कॉपर और सिल्वर आधारित मोटर डिजाइन की ओर झुक रहे हैं। इससे इंडस्ट्रियल सिल्वर की मांग में तेजी से इजाफा हो रहा है। यह बदलाव चांदी की कीमतों को ऊपर की ओर धकेलने का एक बड़ा कारण है।
EV सेक्टर में चांदी की बढ़ती खपत
रेयर-अर्थ की कमी के कारण इंडक्शन मोटर्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इनमें सिल्वर-बेस्ड सोल्डर पेस्ट और बसबार्स की जरूरत होती है। हर ईवी में चांदी की खपत मामूली ही सही, लेकिन ग्लोबल प्रोडक्शन के स्केल पर यह अतिरिक्त डिमांड करोड़ों आउंस में बदल जाती है। ईवी सेक्टर में चांदी की यह बढ़ती खपत इसकी मांग को और बढ़ा रही है।
सप्लाई डिफिसिट का लगातार पांचवां साल
2025 लगातार पांचवां साल है, जब सिल्वर की ग्लोबल डिमांड उसकी सप्लाई से अधिक है। चांदी का लगभग 70% उत्पादन तांबा या लेड-जिंक माइनिंग का बाय-प्रोडक्ट होता है। कीमतें बढ़ने के बावजूद खनन तुरंत नहीं बढ़ पाता। इससे फिजिकल मार्केट में टाइटनेस बनी रहती है। सप्लाई की कमी और मांग में वृद्धि के कारण चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं।
चांदी की कीमतों में कैसा बदलाव होने वाला है?
AIJGF के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और केडिया फिनकॉर्प के फाउंडर नितिन केडिया का कहना है, “यह सिर्फ एक तेजी का ट्रेंड नहीं, बल्कि एक स्ट्रक्चरल शिफ्ट है। EV रेवोल्यूशन और लंबे समय से चल रहे सप्लाई डेफिसिट ने चांदी की रणनीतिक अहमियत को नए शिखर पर पहुंचा दिया है।”
Kedia Fincorp का मानना है कि शॉर्ट टर्म में चांदी ₹1,30,000 प्रति किलो का स्तर छू सकती है। इस दौरान ₹95,000–₹1,05,000 प्रति किलो का सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर कीमतें ₹1,02,000–₹1,05,000 के बीच स्थिर होती हैं, तो वहां से अगला मूव ₹1,30,000 की ओर हो सकता है।
मीडियम टर्म में केडिया फिनकॉर्प का अनुमान है कि चांदी ₹1,25,000–₹1,40,000 के दायरे में कारोबार कर सकती है, जहां ₹1,00,000 का स्तर एक मजबूत बेस साबित होगा।
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए क्या है सलाह?
केडिया फिनकॉर्प की सलाह है कि:
- जौहरी: नए अनहेज्ड सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स में फिलहाल नहीं घुसना चाहिए। प्राइस स्पाइक्स से बचने के लिए कॉल ऑप्शंस का इस्तेमाल करें।
- निवेशक: सिल्वर ETFs या फिजिकल सिल्वर बार्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। चांदी की कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अत्यधिक लीवरेज वाले डेरिवेटिव्स से बचने की जरूरत है।
- ट्रेडर्स: ₹1,16,000–₹1,22,000 के वोलैटिलिटी जोन को करीब से मॉनिटर करें। साथ ही, एंट्री और स्टॉप-लॉस स्तरों पर सख्ती से अमल करें।
चांदी के बाजार में आने वाली यह तेजी निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए नए अवसर लेकर आ सकती है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना और विशेषज्ञों की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है। चांदी की कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखें और अपनी निवेश रणनीति को सावधानीपूर्वक तैयार करें।
निष्कर्ष
चांदी के बाजार में आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। चीन के निर्यात प्रतिबंध, ईवी सेक्टर में बढ़ती मांग और वैश्विक आपूर्ति में कमी जैसे कारकों से चांदी की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और अपनी निवेश योजनाओं को सावधानीपूर्वक तैयार करें। यह समय चांदी में निवेश के लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है, लेकिन सतर्कता और जानकारी के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।
टैग्स: Silver price, Silver forecast, Kedia Fincorp, Silver demand, EV sector, Rare earth, China export, Global supply, Silver market, Silver outlook
स्रोत: https://hindi.moneycontrol.com/news/your-money/silver-price-may-reach-rs-130000-per-kg-due-to-rare-earth-restriction-ev-sector-and-supply-deficit-1986334.html- Get link
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