मोदी का अमेरिका को ना! जानिए क्यों ओडिशा ने मारी बाजी?

PM Narendra Modi in Odisha: पीएम मोदी ने ट्रंप का न्योता क्यों ठुकराया? ओडिशा के जनता मैदान में सब कुछ बताया - Navbharat Times

**पीएम मोदी का ओडिशा प्रेम: ट्रंप का निमंत्रण ठुकराकर, जनता मैदान में विकास की सौगात!**

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक ऐसा फैसला लिया, जिसने हर ओर चर्चा छेड़ दी। पिछले सप्ताह कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें वाशिंगटन आने का न्योता दिया था। लेकिन, पीएम मोदी ने यह न्योता विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया। कारण? उन्हें ओडिशा जाना था!

यह बात स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने जनता मैदान में उमड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए 'महा प्रभु की धरती' पर होना अधिक महत्वपूर्ण था। इसलिए, उन्होंने अमेरिका जाने के बजाय ओडिशा आना चुना। यह निर्णय न केवल ओडिशा के प्रति उनके अटूट लगाव को दर्शाता है, बल्कि विकास और विरासत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

वास्तव में, पीएम मोदी इस सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने वाले थे। दुर्भाग्यवश, पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण ट्रंप को वाशिंगटन वापस लौटना पड़ा, जिसके चलते यह मुलाकात स्थगित हो गई।

ओडिशा में, पीएम मोदी ने 18,600 करोड़ रुपये की 105 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर, उन्होंने ओडिशा को "भारत की विरासत का चमकता सितारा" बताया और कहा कि विकास और विरासत के मंत्र के साथ ओडिशा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

इससे पहले, भुवनेश्वर में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने 'लखपति दीदी' योजना के लाभार्थियों से बातचीत की और लगभग 25 स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही, उन्होंने 'ओडिशा विजन डॉक्यूमेंट' भी जारी किया, जिसका लक्ष्य 2036 तक 'समृद्ध ओडिशा' का निर्माण करना है। गौरतलब है कि पिछले 12 महीनों में पीएम मोदी का ओडिशा का यह छठा दौरा था, जो इस राज्य के प्रति उनके विशेष ध्यान को दर्शाता है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "आज 20 जून का दिन बहुत विशेष है। आज ओडिशा में पहली भाजपा सरकार ने सफलतापूर्वक एक वर्ष पूरा किया है। यह वर्षगांठ सिर्फ सरकार की नहीं है, बल्कि सुशासन की स्थापना की वर्षगांठ है। यह एक वर्ष जनसेवा और जनविश्वास को समर्पित है। मैं ओडिशा के लोगों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं मुख्यमंत्री मोहन माझी और उनकी पूरी टीम को भी बधाई देता हूं।"

अपने अमेरिका यात्रा रद्द करने के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "अभी दो दिन पहले मैं G7 समिट के लिए कनाडा में था। उस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुझे फोन किया और बड़े आग्रह के साथ निमंत्रण दिया। मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति से कहा, निमंत्रण के लिए आपका धन्यवाद, लेकिन मुझे तो महाप्रभु की धरती पर जाना जरूरी है। इसलिए मैंने उनका निमंत्रण विनम्रता से मना किया। आपका प्रेम मुझे महाप्रभु की धरती तक खींच लाया है।"

पीएम मोदी ने आगे कहा कि महाप्रभु के आशीर्वाद से श्रीमंदिर से जुड़े विषयों का समाधान भी हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन माझी और उनकी सरकार को बधाई देते हुए कहा कि सरकार बनते ही श्रीमंदिर के चारों द्वार खोल दिए गए हैं और श्रीमंदिर का रत्न भंडार भी खुल गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक जय-विजय का विषय नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का सम्मान करने का कार्य है।

जनसभा में पहुंचने पर, पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ। जनता मैदान के रास्ते में सड़क के दोनों किनारों पर खड़े बीजेपी कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने तिरंगा और पीएम मोदी के पोस्टर लहराकर उनका अभिवादन किया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए सांस्कृतिक दलों ने भुवनेश्वर हवाई अड्डे से जनता मैदान तक पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत वाद्ययंत्र बजाकर पीएम मोदी का स्वागत किया। समर्थकों ने पीएम मोदी के काफिले पर फूलों की बारिश भी की।

जनता मैदान में पीएम मोदी ने पिछले एक साल में बीजेपी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों सहित विभिन्न एजेंसियों को तैनात किया गया था।

संक्षेप में, पीएम मोदी का ओडिशा दौरा न केवल विकास परियोजनाओं की सौगात लेकर आया, बल्कि यह भी संदेश दे गया कि उनके लिए जनसेवा और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। ओडिशा के प्रति उनका समर्पण और प्रेम स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो उन्हें एक सच्चे जननेता के रूप में स्थापित करता है। यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि एक नेता के लिए अपनी जड़ों से जुड़े रहना और जनता की आकांक्षाओं को सर्वोपरि रखना कितना महत्वपूर्ण है।

ओडिशा की जनता के प्रति पीएम मोदी का यह स्नेह और उनकी विकासोन्मुख दृष्टि निश्चित रूप से राज्य के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। क्या यह एक नए युग की शुरुआत है?

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स्रोत: https://navbharattimes.indiatimes.com/state/odisha/bhubaneswar/pm-narendra-modi-visit-to-odisha-public-meeting-after-roadshow-asked-why-he-rejected-us-president-trump-invitation/articleshow/121975512.cms

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