चिनाब ब्रिज जब घोड़ों ने लिखी दुनिया के सबसे ऊंचे पुल की कहानी!

Chenab Bridge: घोड़ों और खच्चरों के दम पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल, चिनाब ब्रिज की अनसुनी कहानी - News18 Hindi

दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल: चिनाब ब्रिज की अद्भुत कहानी

हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों को चुनौती देना आसान नहीं था, लेकिन भारत ने कर दिखाया। चिनाब ब्रिज, इंजीनियरिंग और दृढ़ संकल्प का एक अद्भुत उदाहरण है, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए गर्व का विषय है। आइए, इस अद्भुत संरचना के निर्माण की अनसुनी कहानी पर एक नज़र डालते हैं।

हिमालय को साधना: एक चुनौती

चिनाब नदी पर बने इस पुल की कल्पना करना जितना रोमांचक है, इसे वास्तविकता में बदलना उतना ही मुश्किल था। दुनिया के सबसे ऊंचे क्रॉसबार केबल क्रेनों और भारी मशीनों का उपयोग करके पुराने और कमजोर ढलानों को मजबूत करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इन ढलानों को मजबूत करने के बाद ही विशाल आर्च की नींव रखी जा सकी।

घोड़ों और खच्चरों की भूमिका

यह जानकर हैरानी होगी कि इस मुश्किल परियोजना में घोड़ों और खच्चरों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुर्गम इलाकों में निर्माण सामग्री पहुंचाने का काम इन्हीं जानवरों ने किया। आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक तरीकों का यह अनूठा संगम चिनाब ब्रिज को और भी खास बनाता है।

5 अप्रैल 2021: एक ऐतिहासिक दिन

5 अप्रैल 2021 चिनाब ब्रिज के निर्माण के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया। इस दिन चिनाब नदी के दोनों किनारों से निकले कैंटिलीवर आर्च हवा में मिले, मानो दो हाथ एक-दूसरे को थाम रहे हों। वर्षों की गणना, साहस और तकनीकी विशेषज्ञता के बाद यह अद्भुत नज़ारा साकार हुआ।

कुछ मुख्य बातें:

  • दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल: चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है, जो इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है।
  • दुर्गम इलाका: हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों में इसका निर्माण एक बड़ी चुनौती थी।
  • केबल क्रेन और मशीनें: पुराने ढलानों को मजबूत करने के लिए सबसे ऊंचे क्रॉसबार केबल क्रेनों और भारी मशीनों का उपयोग किया गया।
  • घोड़ों और खच्चरों की भूमिका: दुर्गम इलाकों में सामग्री पहुंचाने के लिए घोड़ों और खच्चरों का उपयोग किया गया।
  • कैंटिलीवर आर्च: 5 अप्रैल 2021 को कैंटिलीवर आर्च हवा में मिले, जो एक ऐतिहासिक क्षण था।

चिनाब ब्रिज न केवल एक पुल है, बल्कि यह भारत के दृढ़ संकल्प और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर इंसान ठान ले तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह परियोजना Himalayas, Chenab Bridge, Indian Railways, Arch bridge, Engineering, Infrastructure, Construction, Cable crane, Cantilever arch, Project milestone के क्षेत्रों में एक मिसाल कायम करती है।

यह पुल आने वाले समय में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिनाब ब्रिज की कहानी हमें सिखाती है कि असंभव कुछ भी नहीं है, बस उसे हासिल करने का जुनून होना चाहिए।

स्रोत: https://hindi.news18.com/photogallery/nation/how-chenab-bridge-was-built-making-of-world-highest-railway-bridge-in-kashmir-using-horses-and-mules-9291720.html

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