नाटो में दहशत! रूस ने यूक्रेन पर बरसाए ड्रोन, क्या पलट जाएगा युद्ध का रुख?

Russia Ukraine War: रूस का सबसे बड़ा ड्रोन अटैक, सहम गया पूरा नाटो - Prabhat Khabar

रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस का सबसे बड़ा ड्रोन अटैक, क्या नाटो सहम गया?

रविवार की रात, रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिससे तनाव और भी बढ़ गया। इस हमले में **कुल 479 ड्रोन और 20 मिसाइलों** का इस्तेमाल किया गया, जिसका उद्देश्य यूक्रेन की रक्षात्मक क्षमताओं को कमजोर करना था।

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, उनकी रक्षा प्रणाली ने कुशलतापूर्वक कार्रवाई की, जिसमें **277 ड्रोन और 19 मिसाइलों** को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, कुछ हमले निशाने पर लगे, जिसके परिणामस्वरूप विनाश हुआ और रिवने शहर में एक व्यक्ति घायल हो गया, साथ ही कीव में एक ऑफिस इमारत को भी नुकसान पहुंचा।

करारा जवाब: रूस का दृष्टिकोण

रूस ने इस हमले को यूक्रेन के 'ऑपरेशन स्पाइडरवेब' के लिए एक प्रतिक्रिया के रूप में बताया है, जिसमें 1 जून को रूसी हवाई अड्डों पर ड्रोन हमले शामिल थे। मॉस्को का दावा है कि इन हमलों के परिणामस्वरूप **7 अरब डॉलर का नुकसान** हुआ। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि रूस इस कथित आक्रामकता को हल्के में नहीं लेगा।

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के कार्यों को 'बदला' कहने से इनकार कर दिया और उन्हें 'विनाश की कार्रवाई' कहा। उनके अनुसार, हमले का उद्देश्य केवल तबाही और अराजकता फैलाना था।

नाटो की प्रतिक्रिया और पोलैंड की चिंता

हमले के बाद, नाटो सदस्य पोलैंड ने तुरंत अपनी पूर्वी सीमा के पास अपने जेट उड़ाए और अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किया। पोलिश सेना ने जोर देकर कहा कि यह कदम सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में उठाया गया है। नाटो की प्रतिक्रिया यूक्रेन में बढ़ते संघर्ष के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभाव को रेखांकित करती है।

रणनीतिक लाभ के रूस के दावे

इस बीच, रूस ने दावा किया कि उसकी सेना पूर्व-मध्य यूक्रेन के डिनीप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र की सीमा तक पहुंच गई है। यदि इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह तीन साल के युद्ध में पहली बार होगा जब रूसी सेना इस क्षेत्र में प्रवेश करेगी।

रूसी सेना के आंदोलनों में शामिल हैं:

  • डोनेट्स्क में कोस्त्यांतिनिवका शहर की ओर बढ़ना, जो यूक्रेन का एक महत्वपूर्ण रसद केंद्र है।
  • सुमी शहर के पास पहुंचना, जो कीव से 321 किमी दूर स्थित है।
  • सुमी के पास लोक्निया गांव को वापस लेना।

युद्धविराम की राह

हालाँकि, युद्धविराम की राह लगातार मुश्किल हो रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच मारे गए सैनिकों के शवों और युद्धबंदियों की वापसी को लेकर विवाद है। रूस का आरोप है कि यूक्रेन 12,000 शवों और बंदियों की अदला-बदली में देरी कर रहा है, जबकि जेलेंस्की का तर्क है कि रूस ने 1,000 से अधिक कैदियों के नाम नहीं भेजे हैं। ये विवाद पहले से ही जटिल मानवीय संकट की परतों को जोड़ते हैं।

निष्कर्ष

रूस-यूक्रेन संघर्ष खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसमें हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों ने तनाव को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया है। क्षेत्रीय सुरक्षा पर नाटो की प्रतिक्रिया और रणनीतिक लाभ के रूस के दावे, अनिश्चितता की एक और परत जोड़ते हैं। जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ता जा रहा है, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की तत्काल आवश्यकता पहले से कहीं अधिक स्पष्ट होती जा रही है।

क्या इस संकट का कोई समाधान निकलेगा? केवल समय ही बताएगा।

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स्रोत: https://www.prabhatkhabar.com/world/russia-ukraine-war-putin-biggest-drone-attack-whole-nato-got-scared

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