राहुल गांधी का बिहार दौरा क्या ये चुनावी स्टंट है या बदलाव की आहट?

बिहार के राजगीर और गयाजी में आज राहुल गांधी, चुनावी साल में कांग्रेस सांसद का छठा दौरा - ABP News

बिहार में राहुल गांधी का चुनावी शंखनाद: राजगीर और गयाजी में जनसभाएं, कांग्रेस का पिछड़ा वर्ग पर फोकस

बिहार में राहुल गांधी का चुनावी शंखनाद: राजगीर और गयाजी में जनसभाएं, कांग्रेस का पिछड़ा वर्ग पर फोकस

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सक्रिय रूप से मैदान में उतर चुके हैं। चुनावी वर्ष में उनका यह छठा बिहार दौरा है, जो कांग्रेस के लिए राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिशों का स्पष्ट संकेत है।

राहुल गांधी के इस एक दिवसीय दौरे की शुरुआत गयाजी से हुई, जहां उन्होंने सुबह 10:15 बजे दिल्ली से उड़ान भरकर पहुंचे।

दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि और पिछड़ा वर्ग सम्मेलन:

गयाजी में, राहुल गांधी ने 'माउंटेन मैन' के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके परिजनों से मुलाकात की। यह कदम दलित समुदाय के प्रति कांग्रेस की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके बाद, वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के लिए रवाना हुए।

नालंदा के राजगीर में, राहुल गांधी ने दोपहर 12:30 बजे एक महत्वपूर्ण अत्यंत पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया।

कांग्रेस की पिछड़ा वर्ग रणनीति:

बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी 36% है, जो कि एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है। कांग्रेस की नजर इस वोट बैंक पर है, जो परंपरागत रूप से नीतीश कुमार के समर्थक माने जाते हैं। इस सम्मेलन के माध्यम से कांग्रेस सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है।

महिला वोटरों पर ध्यान:

राजगीर से राहुल गांधी गयाजी लौटेंगे, जहां दोपहर 2:45 बजे वे एक महिला संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। बिहार में लगभग 48% महिला वोटर हैं, और उन्हें साधने की यह कवायद नीतीश कुमार के किले में सेंध लगाने की एक और कोशिश है।

महाबोधि मंदिर में दर्शन और दिल्ली वापसी:

महिला संवाद कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी महाबोधि मंदिर में दर्शन करेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

कांग्रेस का पुनरुत्थान:

चुनावी साल में राहुल गांधी बिहार में कांग्रेस में नई जान फूंकने और संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में उनकी लगातार उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस राज्य में अपने जनाधार को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है।

महागठबंधन में भूमिका:

बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी, सीपीआई, सीपीएम और सीपीआईएमएल शामिल हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे महागठबंधन में रहकर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अपनी एक अलग पहचान बनाने की कोशिश करेंगे।

सीटों के लिए दबाव:

कांग्रेस अधिक सीटों के लिए आरजेडी पर दबाव बना रही है। पिछली बार कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस अभी भी तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार मानने को तैयार नहीं है, जबकि आरजेडी ने उन्हें अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया है। यह कांग्रेस की अधिक सीटों के लिए आरजेडी पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

निष्कर्ष:

राहुल गांधी का बिहार दौरा कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस अपनी रणनीतियों के माध्यम से बिहार की राजनीति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सफल होती है या नहीं। पिछड़ा वर्ग और महिला वोटरों पर ध्यान केंद्रित करना कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, और यह आगामी चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

टैग: Rahul Gandhi, Bihar Election, Congress, Gaya, Dashrath Manjhi, Nalanda, Nitish Kumar, OBC Vote, Bihar Politics, Rajgir

स्रोत: https://www.abplive.com/states/bihar/congress-leader-mp-rahul-gandhi-in-rajgir-and-gayaji-bihar-today-2957462

Comments