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**ग्रेटा थनबर्ग हिरासत में: युवा जलवायु कार्यकर्ता गाजा के लिए मानवीय सहायता ले जाते हुए इजरायल में हिरासत में**
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अपनी मुखरता के लिए वैश्विक स्तर पर जानी जाने वालीं ग्रेटा थनबर्ग एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार, उन्हें इजरायल में हिरासत में लिया गया है। यह घटना गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने के उनके प्रयासों के दौरान हुई।
2 मार्च से, इजरायल ने युद्ध से प्रभावित गाजा में राहत सामग्री पहुंचाने पर रोक लगा दी है, जिससे वहाँ रहने वाले 20 लाख से अधिक लोग भुखमरी के कगार पर हैं। इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे हैं, और कई बच्चों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं।
"द मैडलीन" नामक जहाज पर सवार थनबर्ग, 1 जून को इटली के सिसली से गाजा के बच्चों के लिए दवाएं, दूध, डायपर, वाटर प्यूरीफायर और भोजन जैसी आवश्यक वस्तुएं लेकर रवाना हुई थीं। उनकी इस यात्रा पर इजरायल सरकार ने आपत्ति जताई थी। 9 जून को, इजरायली सुरक्षा बलों ने उन्हें समुद्र में रोककर हिरासत में ले लिया।
थनबर्ग अकेली नहीं थीं। वह फ्रीडम फ्लोटिला नामक एक संगठन द्वारा शुरू किए गए एक व्यापक अभियान का हिस्सा थीं, जिसमें कई देशों के मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल थे। हिरासत में लिए गए अन्य कार्यकर्ताओं में शामिल हैं:
* जर्मनी की यासमीन जार * ब्राजील के थियागो अविला * फ्रांस की रेवा वियार्ड * फ्रांस की सांसद रीमा हसन * फ्रांस के बैप्टिस्टे आंद्रे * फ्रांस के उमर फईद * यानीस महादी * तुर्किए के सूयाब ओर्दू * स्पेन के सर्गियो टॉर्बियो * नीदरलैंड के मार्कों वैन रेन्सयह पहली बार नहीं है जब फ्रीडम फ्लोटिला ने गाजा के लोगों को सहायता पहुंचाने की कोशिश की है। मई 2025 में भी इसी तरह का एक प्रयास इजरायली सेना द्वारा विफल कर दिया गया था।
ग्रेटा थनबर्ग कौन हैं?
ग्रेटा थनबर्ग 2019 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में अपने शक्तिशाली 'हाऊ डेयर यू' भाषण के बाद वैश्विक पहचान हासिल की।
इस भाषण में, उन्होंने वैश्विक नेताओं से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया, और उन पर बड़े-बड़े वादे करके बच्चों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
2019 में, उन्हें टाइम मैगजीन ने पर्सन ऑफ द ईयर चुना था।
थनबर्ग का सक्रियतावाद 2018 में शुरू हुआ, जब उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया और स्वीडिश संसद के बाहर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनके हाथ में एक पोस्टर होता था जिस पर लिखा था, "जलवायु के लिए स्कूल की हड़ताल।" उनके इस आंदोलन से धीरे-धीरे और बच्चे जुड़ने लगे, और यह आंदोलन "फ्राइडेज फॉर फ्यूचर" के नाम से जाना गया।
थनबर्ग पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती हैं। वह हवाई जहाज से यात्रा नहीं करती हैं और मांसाहार से दूर रहती हैं।
गाजा पट्टी की नाकाबंदी
इजरायल ने 2007 से गाजा पट्टी की नाकाबंदी कर रखी है। हमास के सत्ता में आने के बाद, इजरायल ने गाजा को समुद्र, जमीन और हवा से घेर लिया, यह कहते हुए कि यह कदम उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस नाकाबंदी के कारण, इजरायल की अनुमति के बिना कोई भी गाजा में प्रवेश नहीं कर सकता है।
ग्रेटा थनबर्ग की हिरासत गाजा में मानवीय संकट की ओर ध्यान आकर्षित करती है। उनकी सक्रियता गाजा के लोगों की दुर्दशा और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
यह देखना बाकी है कि इस घटना का क्या परिणाम होता है, लेकिन यह निश्चित है कि ग्रेटा थनबर्ग का गाजा के लोगों के प्रति समर्थन और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
टैग: Greta Thunberg, Gaza, Israel, Aid Flotilla, Human Rights, Detained, Activists, Child Hunger, Free Gaza, War Impactस्रोत: https://www.prabhatkhabar.com/prabhat-khabar-special/greta-thunberg-detained-by-israel-know-when-she-said-how-dare-you- Get link
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