सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की गीदड़भभकी क्या भारत सुनने को भी तैयार है?

'हम बर्बाद हो जाएंगे', सिंधु जल संधि बहाल करने के लिए छटपटा रहा पाकिस्तान; भारत को 4 बार लिख चुका लेटर - Jagran

**सिंधु जल संधि पर मंडराता संकट: पाकिस्तान की बेचैनी और भारत का अडिग रुख** सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर भारत के कड़े रुख ने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत ने इस संधि को स्थगित करने का फैसला किया है, जिससे पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। लगातार प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तान को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। पाकिस्तान ने इस मामले में मध्यस्थता के लिए विश्व बैंक का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन सूत्रों के अनुसार, विश्व बैंक ने फिलहाल हस्तक्षेप करने में असमर्थता जताई है। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है। **पाकिस्तान की ओर से बार-बार आग्रह** भारत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए पाकिस्तान लगातार आग्रह कर रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय की ओर से अब तक **चार पत्र** विदेश मंत्रालय को भेजे गए हैं। इन सभी पत्रों में सिंधु जल संधि को बहाल करने का आग्रह किया गया है। चौथा पत्र इसी सप्ताह प्राप्त हुआ है। * प्रत्येक पत्र में पाकिस्तान ने इस संधि के निलंबन से अपने देश में आने वाली समस्याओं का रोना रोया है। * पाकिस्तान का कहना है कि इससे उनके जल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा। जल शक्ति मंत्रालय ने इन सभी पत्रों को विदेश मंत्रालय के पास भेज दिया है। हालांकि, भारत की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। **भारत का रुख क्यों है इतना सख्त?** भारत का यह कड़ा रुख पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे आतंकवाद के समर्थन के खिलाफ है। भारत का मानना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है। सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला पाकिस्तान पर दबाव बनाने की एक रणनीति है। **सिंधु जल संधि का भविष्य क्या होगा?** सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। पाकिस्तान लगातार संधि को बहाल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत अपने रुख पर अडिग है। ऐसे में, यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले में क्या मोड़ आता है। क्या दोनों देश बातचीत की मेज पर वापस आएंगे या यह विवाद और गहराएगा? **निष्कर्ष** सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। दोनों देशों को इस मामले को समझदारी और संवेदनशीलता से सुलझाना होगा। जल संसाधनों का प्रबंधन दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, और एक स्थायी समाधान खोजना दोनों देशों के हित में है। उम्मीद है कि दोनों देश जल्द ही बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे का समाधान निकालने में सफल होंगे। **टैग:** Indus Water Treaty, Pakistan, India, World Bank, Water dispute, Mediation, Treaty suspension, Negotiations, Conflict, Water resources

स्रोत: https://www.jagran.com/news/national-indias-strong-stance-on-indus-water-treaty-no-relief-for-pakistan-23957550.html

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