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पूर्वी यूरोप में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर एक बड़ा हवाई हमला किया है, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई और 49 घायल हो गए। यह हमला, जो शुक्रवार तड़के हुआ, रूसी सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों की संख्या के मामले में उल्लेखनीय था। हमले में 407 ड्रोन और 45 क्रूज व बैलेस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिससे पूरे यूक्रेन में डर और विनाश का माहौल पैदा हो गया। यूक्रेनी सेना का दावा है कि उन्होंने इनमें से अधिकांश हमलों को विफल कर दिया, लेकिन फिर भी संपत्ति का नुकसान व्यापक है। हमले के प्रमुख बिंदु: इस हमले के बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिमी सहयोगियों से रूस पर शांति के लिए दबाव बढ़ाने का आग्रह किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उनका यह आह्वान समझ में आता है। माना जा रहा है कि रूस ने यह हमला 1 जून को यूक्रेन द्वारा किए गए रूसी वायुसेना अड्डों पर हमले के जवाब में किया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ टेलीफोन वार्ता के दौरान यूक्रेन को जवाब देने के इरादे के बारे में बताया था। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबहा ने कहा कि रूस ने अपने सैन्य विमानों को नष्ट किए जाने के जवाब में यूक्रेनी नागरिकों पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों में बहुमंजिली इमारतों को निशाना बनाया गया और ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यूक्रेन के "आतंकी कृत्यों" के जवाब में, रूसी सेना ने यूक्रेन के रक्षा ठिकानों और उनसे संबद्ध स्थानों को निशाना बनाया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि हमले में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हुई है और ये हमले धरती, आकाश और युद्धपोतों से छोड़े गए हथियारों से किए गए। एक अलग घटनाक्रम में, रूसी राष्ट्रपति के विदेशी मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने राष्ट्रपति पुतिन से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्याप्त असमंजस को दूर करने के लिए सहयोग मांगा है। यह अनुरोध बुधवार को हुई टेलीफोन वार्ता के दौरान किया गया था। यह स्पष्ट है कि यूक्रेन और रूस के बीच की स्थिति बेहद जटिल और अस्थिर है। रूस द्वारा किए गए नवीनतम हमले ने तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की तत्काल आवश्यकता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस संकट को हल करने और आगे हिंसा को रोकने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। शांति स्थापित करने और निर्दोष नागरिकों की रक्षा करने के लिए कूटनीति और बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। भविष्य में और खूनखराबा न हो, इसके लिए अब निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए।यूक्रेन पर रूस का भीषण पलटवार: 407 ड्रोन और 45 मिसाइलों का हमला, जेलेंस्की ने की शांति की गुहार
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