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कनाडा में खालिस्तानियों पर शिकंजा: ड्रग रैकेट का पर्दाफाश, ISI कनेक्शन उजागर
कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों पर एक बड़ा एक्शन देखने को मिला है। पील रीजनल पुलिस ने 'प्रोजेक्ट पेलिकन' नामक एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कनाडा सरकार भारत के साथ संबंधों को सुधारने का प्रयास कर रही है। इस ऑपरेशन ने न केवल कनाडा में चल रहे एक बड़े ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया है बल्कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के भारत विरोधी मंसूबों को भी उजागर किया है।
ऑपरेशन की मुख्य बातें:
- सबसे बड़ी ड्रग्स की खेप: पुलिस ने 479 किलो कोकीन जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 47.9 मिलियन डॉलर है।
- गिरफ्तारियां: इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से सात भारतीय मूल के हैं।
- आरोप: गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर ड्रग्स और हथियार से जुड़े 35 आरोप लगाए गए हैं।
जांच से पता चला है कि यह ड्रग्स नेटवर्क अमेरिका से कनाडा तक ट्रकों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी करता था। इनके संबंध मैक्सिकन ड्रग कार्टेल और अमेरिका में ड्रग्स बांटने वालों से भी हैं।
ISI के इशारे पर धंधा:
खुफिया सूत्रों के अनुसार, ड्रग्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल भारत के खिलाफ गतिविधियों को चलाने में किया जा रहा था। इस पैसे से विरोध प्रदर्शन और जनमत संग्रह कराए जा रहे थे, साथ ही हथियार खरीदने के लिए भी फंडिंग की जा रही थी।
आईएसआई का एक प्लान है जिसके तहत कनाडा में खालिस्तानी समूहों को मैक्सिकन कोकीन की तस्करी के लिए फंड दिया जा रहा है। आईएसआई अफगानिस्तान में उगाई जाने वाली हेरोइन को भी बढ़ावा दे रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
- सजगिथ योगेंद्रराजाह (31 वर्ष, टोरंटो)
- मनप्रीत सिंह (44 वर्ष, ब्राम्पटन)
- फिलिप टेप (39 वर्ष, हैमिल्टन)
- अरविंदर पवार (29 वर्ष, ब्राम्पटन)
- करमजीत सिंह (36 वर्ष, कैलेडन)
- गुरतेज सिंह (36 वर्ष, कैलेडन)
- सरताज सिंह (27 वर्ष, कैम्ब्रिज)
- शिव ओंकार सिंह (31 वर्ष, जॉर्जटाउन)
- हाओ टॉमी (27 वर्ष, मिसिसॉगा)
जांच का घटनाक्रम:
पिछले साल दिसंबर में, दो भारतीय मूल के कनाडाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका की इलिनोइस स्टेट पुलिस ने उनके वोल्वो ट्रक में 1,000 पाउंड से ज्यादा कोकीन बरामद की थी। इसी घटना के बाद जांचकर्ताओं को आईएसआई से जुड़े इस तस्करी गिरोह के बारे में पता चला।
वर्तमान जांच जून 2024 में शुरू हुई थी। इसमें अमेरिका-कनाडा के बीच ट्रकों के जरिए कोकीन की तस्करी पर ध्यान केंद्रित किया गया था। नवंबर तक, कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) और अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन की मदद से कई लोगों, ट्रक कंपनियों और स्टोरेज साइटों की पहचान की गई, जो इस ऑपरेशन से जुड़े थे।
फरवरी और मई 2025 के बीच कई बड़ी जब्ती की गईं। पील पुलिस ने बताया कि विंडसर में एम्बेसडर ब्रिज पर 127 किलो कोकीन और पॉइंट एडवर्ड में ब्लू वाटर ब्रिज पर 50 किलो कोकीन जब्त की गई। ग्रेटर टोरंटो एरिया में भी कई जब्ती की गईं। कुछ लोगों को लोडेड हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया।
कनाडा की कार्रवाई के मायने:
कनाडा भारत-विरोधी खालिस्तानियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। वहां की पूर्ववर्ती सरकार अपने सियासी फायदे के लिए खालिस्तानियों को सभी कूटनीतिक सीमाओं को लांघकर समर्थन देते आए थे। इसकी वजह से पिछले कुछ समय में भारत और कनाडा के राजनयिक संबंधों में बहुत ही ज्यादा कड़वाहट आ गई। जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी की सरकार के सत्ता में आने के बाद इस तरह के ऐक्शन की अहमियत बढ़ गई है।
कनाडा की ओर 15 से 17 जून, 2025 को होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण देने में भी देरी हुई थी। हालांकि, भारत जी7 का सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक ताकत के रूप में उभरने की वजह से 2019 से पीएम मोदी को लगातार जी7 शिखर सम्मेलन में बुलाया जा रहा है। अब उनकी कनाडा यात्रा से पहले खालिस्तानियों को लेकर इतना बड़ा खुलासा होना, इसी बात की ओर इशारा कर रहा है कि अब कनाडा भारत से रिश्ते फिर से सुधारने की कोशिशों में जुट गया है।
यह कार्रवाई भारत और कनाडा के संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकती है। उम्मीद है कि दोनों देश मिलकर आतंकवाद और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करेंगे। यह घटनाक्रम निश्चित रूप से भारत और कनाडा के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
स्रोत: https://navbharattimes.indiatimes.com/india/action-against-khalistanis-in-canada-big-drug-racket-busted-involved-in-anti-india-activities-at-behest-of-isi/articleshow/121792304.cms- Get link
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