लोन वालों की बल्ले-बल्ले! RBI ने कर दिया कमाल, EMI घटेगी या टेन्योर, जानिए पूरा हिसाब!

Home Loan EMI: रेपो रेट कट के बाद EMI और टेन्योर में कितना होगा फायदा, समझिए पूरा कैलकुलेशन - Moneycontrol Hindi

**भारतीय रिजर्व बैंक की रेपो रेट कटौती: आपके होम लोन पर क्या पड़ेगा असर?** भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में **0.50% (50 बेसिस प्वाइंट)** की कटौती कर इसे **6.00% से घटाकर 5.50%** कर दिया है। यह लगातार तीसरी बार है जब नीतिगत ब्याज दर में कटौती की गई है। पहले दो बार 25-25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, और इस बार सीधे 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है। यह फैसला आम जनता, खासकर होम लोन लेने वालों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आया है। रेपो रेट में कटौती से बैंकों की फंडिंग लागत कम होगी, जिसका सीधा असर लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा। रेपो रेट कटौती का प्रभाव रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को लोन देता है। जब RBI इस दर को कम करता है, तो बैंकों के पास भी अपने लोन को सस्ता करने की गुंजाइश बनती है। इसलिए, रेपो रेट में कटौती से होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन जैसे लोन की EMI कम हो जाती है। इस कटौती का मुख्य उद्देश्य जनता को राहत देना, खपत को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना है। EMI कैलकुलेशन: बचत का अनुमान वर्तमान में, SBI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक जैसे अधिकांश सरकारी बैंक **8%** के आसपास की ब्याज दर पर होम लोन दे रहे हैं। उन्होंने पिछले रेपो रेट कट का पूरा लाभ ग्राहकों को दिया है। उम्मीद है कि इस बार की रेट कट के बाद ब्याज दर **8% से घटकर 7.5%** पर आ जाएगी। आइए समझते हैं कि इस स्थिति में 20 लाख से 1 करोड़ रुपये का होम लोन लेने पर EMI में कितनी बचत होगी। इसमें लोन अवधि 20 साल (240 महीने) रखी गई है। | लोन अमाउंट | पुरानी EMI (8%) | नई EMI (7.5%) | मासिक बचत | कुल बचत | |---|---|---|---|---| | ₹20 लाख | ₹16,728 | ₹16,113 | ₹615 | ₹1,47,600 | | ₹30 लाख | ₹25,092 | ₹24,170 | ₹922 | ₹2,21,280 | | ₹50 लाख | ₹41,820 | ₹40,283 | ₹1,537 | ₹3,68,880 | | ₹1 करोड़ | ₹83,640 | ₹80,566 | ₹3,074 | ₹7,37,760 | ध्यान दें: यह कैलकुलेशन एन्युटी फॉर्मूले से किया गया है और इसमें प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस या अन्य चार्जेज शामिल नहीं हैं। यह सिर्फ एक अनुमानित EMI है। वास्तविक EMI बैंक की शर्तों, क्रेडिट स्कोर और प्रोसेसिंग फीस जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। लोन टेन्योर घटाने पर कितना फायदा? बैंक आमतौर पर रेपो रेट कट के बाद EMI की जगह टेन्योर (लोन चुकाने की अवधि) को कम करते हैं। इससे आपका लोन जल्दी खत्म हो जाएगा और ब्याज में बचत होगी। हालांकि, यदि आप EMI कम कराना चाहते हैं, तो आपको बैंक से संपर्क करना होगा। आइए यह भी समझ लेते हैं कि RBI के जून MPC में 50 बेसिक प्वाइंट की कटौती के बाद 20 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के होम लोन में टेन्योर कितना कम होगा। | लोन अमाउंट | EMI (पुरानी ₹8%) | नई ब्याज दर (7.5%) | पहले टेन्योर | नया टेन्योर | टेन्योर में बचत | |---|---|---|---|---|---| | ₹20 लाख | ₹16,728 | 7.50% | 20 साल | 18 साल 9 महीने | 1 साल 3 महीने | | ₹30 लाख | ₹25,092 | 7.50% | 20 साल | 18 साल 9 महीने | 1 साल 3 महीने | | ₹50 लाख | ₹41,820 | 7.50% | 20 साल | 18 साल 9 महीने | 1 साल 3 महीने | | ₹1 करोड़ | ₹83,640 | 7.50% | 20 साल | 18 साल 9 महीने | 1 साल 3 महीने | ध्यान दें: इसमें माना गया है कि आप EMI में कोई बदलाव नहीं करते हैं और घटे हुए ब्याज दर पर उसी EMI को जारी रखते हैं। पुराने लोन धारकों को भी फायदा यदि आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है, तो रेट कट का फायदा आपको ब्याज दर घटने के रूप में मिल जाएगा। इससे आपकी EMI घटेगी या फिर लोन अवधि कम हो सकती है। यह बैंक की रीसेट पॉलिसी पर निर्भर करता है। फ्लोटिंग रेट RBI के रेपो रेट से लिंक होता है। इसलिए, जब भी RBI रेपो रेट घटाएगा या बढ़ाएगा, तो उसका सीधा असर आपके होम लोन की ब्याज दर पर पड़ेगा। हालांकि, यदि आपने फिक्स्ड रेट लोन लिया है, तो इस कटौती का तुरंत कोई असर नहीं होगा। नए होम बायर्स के लिए सुनहरा अवसर यह पहली बार घर खरीदने वालों के लिए एक शानदार समय है। ब्याज दरें पहले से ही कम हैं, और कई रियल एस्टेट कंपनियां भी डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं। ऐसे में, कम EMI और रियायती प्रॉपर्टी कीमतों का फायदा उठाया जा सकता है। बेसिक होम लोन के को-फाउंडर और सीईओ अतुल मोंगा का कहना है, "होम लोन लेने वालों के लिए RBI का रेट कट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। जो लोग अब तक कर्ज लेने को लेकर हिचकिचा रहे थे, उनके लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, मैं कर्ज लेने के इस अनुकूल माहौल का पूरा लाभ उठाने से पहले अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने और सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दूंगा।" क्या रेपो रेट में आगे और कटौती संभव है? अतुल मोंगा का कहना है कि RBI ने पॉलिसी स्टांस 'अकोमोडेटिव' से 'न्यूट्रल' करने का फैसला बताता है कि RBI अब आगे सतर्क रुख अपनाना चाहता है। अकोमोडेटिव स्टांस का मतलब होता है कि RBI का इरादा आगे भी रेट कट करने का है। वहीं, न्यूट्रल स्टांस का मतलब है कि केंद्रीय बैंक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर गौर करेगा और फिर उसके हिसाब से रेपो रेट घटाने, बढ़ाने या स्थिर रखने का फैसला लेगा। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर महंगाई नियंत्रण में रही और वैश्विक हालात स्थिर रहे, तो RBI आगे और कटौती कर सकता है। इसका मतलब है कि लोन और सस्ते हो सकते हैं, जिससे निवेश और खपत को और बढ़ावा मिलेगा। रियल एस्टेट सेक्टर की राय रियल एस्टेट सेक्टर का मानना है कि रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बड़ी कटौती और कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को 100 बेसिस पॉइंट घटाकर 3 प्रतिशत करने से रियल एस्टेट सेक्टर को काफी बढ़ावा मिलेगा। कृष्णा ग्रुप और क्रिसुमी कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अशोक कपूर का कहना है, "अब रेपो रेट पिछले साल के मुकाबले कुल 100 बेसिस प्वाइंट तक घट चुका है। इससे घर खरीदने वालों को प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। आगे चलकर इस फैसले का असर घरों के अलग-अलग सेगमेंट्स में मांग के रूप में दिखेगा, जिससे रियल एस्टेट बाजार में लगातार ग्रोथ और ग्राहकों का भरोसा दोनों बढ़ेंगे।" अनंत राज लिमिटेड के डायरेक्टर और सीईओ अमन सरीन का भी मानना है कि रेपो रेट कट से डिमांड बढ़ेगी। उन्होंने कहा, "नए और मौजूदा दोनों तरह के कर्जदारों के लिए यह कुल 100 बेसिस प्वाइंट की राहत ब्याज के बोझ को काफी हद तक कम करेगी। इसके साथ ही, यह कदम सिस्टम में और अधिक लिक्विडिटी लाने में मदद करेगा, जिससे आर्थिक रफ्तार को और बल मिलेगा।" निष्कर्ष RBI की रेपो रेट में कटौती होम लोन लेने वालों के लिए एक सकारात्मक खबर है। इससे EMI और लोन टेन्योर दोनों में बचत होगी, जिससे घर खरीदना और भी आसान हो जाएगा। यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, किसी भी वित्तीय निर्णय को लेने से पहले, अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करना और विभिन्न विकल्पों की तुलना करना महत्वपूर्ण है। टैग: Home loan, EMI, RBI, Repo rate cut, Interest rates, Loan benefits, Lower EMI, Loan tenure, Savings, Home loan rates

स्रोत: https://hindi.moneycontrol.com/news/your-money/home-loan-emi-how-rbi-repo-rate-cut-will-benefit-your-home-loan-emi-and-tenure-check-full-calculation-1986243.html

Comments